संवाददाता, विष्णु मित्तल
भरतपुर, प्रदेश को बिजली सरप्लस राज्य बनाने के लिए सरकार को सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए तीव्र गति से कार्य करना होगा ताकि राजस्थान विद्युत सरप्लस राज्य बने और प्रदेश का प्रत्येक उपभोक्ता बिजली उत्पादक उपभोक्ता बन सके। इस संबंध में समृद्ध भारत अभियान के निदेशक सीताराम गुप्ता ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सुझाव दिया है। राज्य के अधिकांश भू-भाग में सूर्य अधिक समय रहता है ऐसी स्थिति में सरकार को सौर ऊर्जा से विद्युत उत्पादन करने का लाभ प्राप्त करना होगा। गुप्ता ने पत्र में कहा कि सरकार को पीक सीजन में महंगी बिजली खरीदने को मजबूर होना पड़ता है। जबकि राज्य में सौर ऊर्जा की अपार संभावनाएं हैं। सौर ऊर्जा उत्पादन प्रदूषण रहित होने के साथ उत्पादन व वितरण हानियों में कमी लाती है। बिजली चोरी जैसी समस्याओं से निजात मिल जाती है। इसे न्यूनतम मानव संसाधन से संचालन किया जा सकता है तथा ऊर्जा सुरक्षा एवं आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलती है। पत्र में कहा है कि प्रधानमंत्री-कुसुम योजना के तहत् राजस्थान में अब तक केवल 12.08 प्रतिशत ही लक्ष्य प्राप्त किये हैं तथा रूफ टॉप सोलर अभी तक जन आंदोलन स्वरूप प्राप्त नहीं कर पाया है। सोलर सिस्टम लगवाने वाले अधिकांश उपभोक्ताओं को समय पर अनुदान नही मिलना भी इसकी गति की प्रगति में एक कारण रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि इसके लिए राज्य में एक सकल अभियान शहरी क्षेत्रों से शुरू हो बाद में इसे ग्रामीण क्षेत्रों तक विस्तारित किया जाये। गुप्ता ने यह सुझाव दिया है कि प्रदेश सौर ऊर्जा उत्पादन करने वाली निजी कंपनियों को पाबंद किया जाये कि वे अपने बिजली उत्पादन में से कम से कम 10 प्रतिशत विद्युत राज्य को विक्रय करें । सरप्लस सौर ऊर्जा एकत्रीकरण के लिए बैटरी आधारित संयंत्र भी स्थापित किये जाने चाहिए ताकि रात्रि के समय उपभोक्ताओं को नियमित विद्युत सप्लाई प्राप्त होती रहे।