संवाददाता, विष्णु धाकड़
रूपबास। कस्बे के मेला मैदान में हर शुक्रवार को लगने वाली हाट में एक व्यापारी की पुत्री की तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजन उसे तुरंत रूपबास उपजिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान बच्ची की मौत हो गई।
मां ने डॉक्टरों पर लगाया लापरवाही का आरोप
बच्ची की मौत के बाद मां ने उप जिला अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का गंभीर आरोप लगाया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
शव लेकर गेट पर घंटों बैठा रहा पिता
परिजनों का आरोप है कि बच्ची की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन ने शव को अस्पताल से बाहर ले जाने के लिए कह दिया। मजबूर पिता अपनी पुत्री की डेड बॉडी को अस्पताल के गेट के बाहर लेकर घंटों बैठा रहा और बिलखता रहा।
समाजसेवी ने की मदद
मामले की सूचना समाजसेवी प्रिंस सिंघल को मिली। सूचना पर वे तत्काल मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार की मदद की। प्रिंस सिंघल ने प्राइवेट एंबुलेंस की व्यवस्था कर बच्ची के शव को उसके गांव भिजवाया।
उपजिला अस्पताल की व्यवस्थाओं पर फिर उठे सवाल
इस घटना के बाद एक बार फिर रूपबास उपजिला अस्पताल की व्यवस्थाओं और संवेदनहीनता पर सवाल खड़े हो गए हैं। नाम का उपजिला अस्पताल, लेकिन सुविधाएं सीएचसी जैसी भी नहीं हैं।