जिसमे कांग्रेस के कुछ तथ्य इस प्रकार से है।
1 कांग्रेस पार्टी ने महिला सशक्तकरण और महिलाओं क़ो राजनीती प्रतिनिधित्व देने के क्षेत्र मे अग्रणी एवं ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। जो महिला सशक्तिकरण मे निर्णायक रही है।
2 सर्वप्रथम महिला आरक्षण विधेयक वर्ष 1996 मे कांग्रेस के समर्थन से चल रही हच. डी. देवगौड़ा की सरकार के समय कांग्रेस द्वारा ही संसद मे पेश किया गया था जो पारित नहीं हो सका। जेपीसी क़ो भेजा गया।
3 वर्ष 2010 मे उपिए सरकार महिला आरक्षण बिल राजयसभा मे पारित करवाया।
4 देश मे महिलाओं की भागीदारी राजनीती की मुख्यधारा मे सुनिश्चित करने एवं प्रतिननिधित्व देने के लिए संविधान के 73 वे एवं 74 वे संसोधन के माध्यम से नगरीय निकाय एवं पंचायती राज संस्थाओ क़ो संवेधानिक मान्यताये देते हुए महिलाओं क़ो 33 प्रतिशत आरक्षण कांग्रेस की सरकार ने लागु किया। यह आरक्षण वर्ष 1962 से लागु है।
5 वर्ष 2023 मे महिला आरक्षण क़ानून (नारी शक्ति वंदन अधिनियम ) संसद मे सर्वसम्मति से पारित हुआ जिसमे कांग्रेस ने इस अधिनियम हेतु दबाव बनाकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इस क़ानून क़ो तत्काल लागु कर आगामी लोकसभा एवं विधानसभा चुनाव महिला आरक्षण के साथ करवाने की मांग कांग्रेस ने की थी। किन्तु भारतीय जनता पार्टी की केंद्र सरकार ने इसे तत्काल लागु करने के बजाय जनगणना करवाने और परिसीमन की शर्तों से जोड़ दिया। जिसका अभिप्राय था की यह दोनों प्रक्रिया पूरी नहीं हो तब तक 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ महिलाओं क़ो नहीं मिलेगा।
6 भाजपा सरकार की मंशा पर एक प्रश्नचिन्ह है तथा सरकार क़ो यह जवाब देना चाहिए की वर्ष 2023 मे महिला आरक्षण बिल पारित होने महामहिम राष्ट्रपति से स्वीकृति मिलने के बावजूद केंद्र सरकार ने यह क़ानून 16 अप्रैल 2026 की रात्रि 11:00 बजे पश्चात नोटिफिकेशन जारी कर तीन वर्ष पश्चात लागु किया।
7 16 अप्रैल 2026 क़ो संविधान के 106 वे संसोधन कर सितम्बर, 2023 मे अनुच्छेद 334ए से जोड़े गए महिला आरक्षण के क़ानून क़ो लागु किया गया है। और अब देश मे महिला आरक्षण क़ानून बनकर लागु है। ऐसे मे भारतीय जनता पार्टी द्वारा केवल भ्रहमित करने और चुनावी राज्यों का लाभ लेने के लिए कांग्रेस और विपक्षी दलों पर अनगर्ल आरोप लगाए जा रहे है जबकि सितम्बर, 2023 मे महिला आरक्षण बिल पारित होने के पश्चात प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने खूब वाहवाही ली थी।
8 कांग्रेस पार्टी ने हमेशा ये मांग रखी है की आज भी मांग करते है की महिला आरक्षण जो वर्ष 2023 मे पारित होकर क़ानून बना है तत्काल प्रभाव से संसद की वर्तमान 543 लोकसभा सीटों पर लागु हो इसे परिसीमन से नहीं जोड़ा जाये तथा देश जातीय जनगणना सही समय पर पूरी की जाये, जिससे ओबीसी वर्ग की महिलाओं क़ो भी उचित प्रतिनिधित्व दिया जा सके।
प्रेस वार्ता का मुख्य विषय था महिला आरक्षण, प्रेस वार्ता मे ब्यावर कांग्रेस की जिला प्रभारी यादव ने पत्रकारों क़ो बताया की कांग्रेस दूसरे राज्यों मे चुनाव का फायदा लेने के लिए महिला आरक्षण क़ो मुद्दा बना रही है,जबकी कांग्रेस आज भी महिला आरक्षण के साथ है,
प्रेस वार्ता मे पत्रकारों क़ो संबोधित करते जिला शहर अध्यक्ष किशोर चौधरी ने बताया की जिस भाजपा मे विधायक, सांसद या कार्यकर्ता खुद ही महिला उत्पीड़न केसो मे फंसे हो उनको महिला आरक्षण की बात करना शोभा नहीं देता।
अंत मे कांग्रेस के राकेश पारिक ने बताया की कांग्रेस हमेशा महिलाओं के पक्ष मे रही है और पत्रकार समाज एक बुद्धिजीवी समाज है खुद समझ सकता है। प्रेस वार्ता मे जिला प्रभारी यादव, जिला शहर अध्यक्ष किशोर चौधरी, राकेश पारिक,पूर्व सभापति, ब्यावर कांग्रेस महिला अध्यक्ष इशिका जैन, ब्यावर कांग्रेस अनुसूचित जाती अध्यक्ष बिरदी खोरवाल व सरपंच गण मौजूद थे।