क्राइम रिपोर्टर, रामावतार खंडेलवाल, जिला डीग
नगर। फतेहपुर कलां–बाजाहेड़ा मार्ग पर अधूरा सड़क निर्माण अब आमजन के लिए खतरे की घंटी बन चुका है। महीनों पहले गिट्टी डालकर छोड़ दी गई इस सड़क पर डामरीकरण न होने से हालात बदतर हो गए हैं। हर गुजरते वाहन के साथ उड़ते धूल के घने गुबार ने पूरे रास्ते को धुंध में तब्दील कर दिया है, जहां सामने चल रहा वाहन तक नजर नहीं आता।
बुधवार को इसी लापरवाही ने एक बड़ा हादसा होने से तो बचा लिया, लेकिन खतरे की गंभीरता जरूर दिखा दी। धूल के कारण लगभग शून्य विजिबिलिटी में एक बोलेरो चालक ने सामने आ रही बाइक को बचाने की कोशिश की, लेकिन नियंत्रण खो बैठा। गाड़ी सड़क किनारे खेत में पलट गई। बोलेरो में सवार सभी लोगों को हल्की चोटें आईं—गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क अब ‘मौत का जाल’ बन चुकी है, जहां हर पल हादसे का खतरा बना रहता है। लंबे समय से अधूरा पड़ा निर्माण कार्य जिम्मेदार विभाग की लापरवाही को उजागर करता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द डामरीकरण पूरा नहीं कराया गया तो बड़ा हादसा होना तय है। उधर, सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता गोविन्द मीना का कहना है कि सड़क का काम स्वीकृत दरों के अनुसार ही हो रहा है, लेकिन डामर महंगा होने के कारण कार्य में देरी आई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द समाधान निकालकर काम पूरा कराया जाएगा।
अब सवाल यही—क्या जिम्मेदार जागेंगे, या किसी बड़े हादसे का इंतजार होगा?