विष्णु धाकड़
रूपवास (भरतपुर) रूपवास पटवार संघ उपशाखा रूपवास ने चार सूत्रीय मांगों को लेकर तहसीलदार अमित शर्मा के माध्यम से जिला कलेक्टर के नाम का ज्ञापन दिया। पटवार संघ ने दिए ज्ञापन में लिखा कि वर्तमान में भारत सरकार के अतिमहत्व पूर्ण प्रोजेक्ट (एग्रीस्टेक) के तहत फार्मर रजिस्ट्री का कार्य चल रहा है। जिसके अन्तर्गत प्रत्येक खातेदार कृषक की पार्मर आईडी बनायी जानी है। उक्त कार्य में जिले के प्रत्येक पटवारी के साथ सम्पूर्ण राजस्व वर्ग ने पूरे मनोयोग से कार्य किया है।उस के बावजूद भी काफी कास्तकार फार्मर आईडी बनाये जाने से शेष हैं। उक्त कार्य के लिए खातेदार कास्तकार का आधार नम्बर, आधार में लिंक मोबाइल नम्बर (आधार ओटीपी) एवं जमाबंदी की आवश्यकता होती है। जिसके लिए सम्बंधित काश्तकार की उपस्थिति जरूरी होती है। जिसे करने में धरातल पर निम्र समस्याओं का सामना करना पड रहा है FRC पोर्टल की तकनीकि समस्याएं बड़े खाते की फार्मर रजिस्ट्री बनाते समय साइट का स्वतः लॉग आउट होना। 10 से अधिक खसरों को जोडने में परेशानी आना। कई बार FRC एवं आधार साइट का न चलना। कृषक की फार्मर रजिस्ट्री किसी भी स्तर पर पेंडिंग नहीं होने के बावजूद भी पेंडिंग फोर अप्रूवल का एरर आना। ग्रामीण क्षेत्र में अधिकांश परिवारों में कई आधारों में एक ही नम्बर जुडा रहता है एवं FRC पोर्टल पर एक मोबाइल नम्बर से एक ही आईडी बनाया जाना सम्भव है ऐसी स्तिथि में उस परिवार के अन्य खातेदारों की आईडी नहीं बनायी जा सकती। खातेदार का अन्य जगह पर निवास करना पेटेन्सी डाटा में दर्ज अधिकतर खातेदार जीविकोपार्जन, व्यवसाय के लिए बाहर हैं। उनसे सम्पर्क किया जाना सम्भव नहीं है। प्रायः ऐसी महिलाएं हैं जोकि गांव की बहन बेटियां हैं। इनकी फार्मर आईडी बनाने हेतु गांव में निवासरत इनके भाई-बन्धुओं से सम्पर्क करने पर इनके द्वारा फार्मर आईडी हेतु कोई रुचि नहीं दिखाई जाती है एवं
पटवारीयों के पास ऐसा कोई विकल्प नहीं है। जिसने बहिन-बेटियों से सम्पर्क कर उनकी फार्मर आईडी बनायी जा सके।
राजस्व रिकॉर्ड में तब्दीली फार्मर रजिस्ट्री का बेस डाटा दिसम्बर 2024 की जमाबन्दी से लिया गया है। दिस्ंबर 2024 के पश्चात विरासत्, वेचान, हकत्याग, दान से नये खातेदारान का नाम आ चुका है। उक्त की फार्मर आईडी बनाते समय एक बार में एक खसरा लिंक हो पाता है ऐसी स्थिति में अधिक खसरे होने पर या तो सर्वर बैंक हो जाता है या अनावश्यक विलम्ब होता है। मृतक खातेदारों का नाम सूची में होना जिनका विरासत नामान्तरण आवश्यक दस्तावेज के दवाब में नहीं खुल पा रहा। ऐसी स्थिति में लक्ष्य अर्जित किया
जाना संभव प्रतीत नहीं होता है। फार्मर रजिस्ट्री को राजस्व रिकॉर्ड सम्बंधी कार्यों तथा पंजीयन, समर्थन मूल्य फसल खरीद, केसीसी एवं सरकार द्वारा दिये जा रहे अन्य अनुदानों में फार्मर आईडी को अनिवार्य किया जाना चाहिए। जिससे खातेदार स्वयं अपने हित प्रभावित होने के कारण फार्मर आईडी बनवाने में अधिक रुचि लेगा एवं हमें लक्ष्य प्राप्ति में सुगमता रहेगी। अवकाश के दिवसों में आपदा/ आपातकाल सम्बंधी कार्यों के अलावा पटवारियों को अन्य कार्यों से मुक्त रखा जावे। जिससे पटवारी अपने परिवार की जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सके एवं मानसिक रूप में स्वस्थ रहकर राजकार्य कर सके। इस अवसर पर पटवारी मंगल सिंह, कुमर सिंह, संदीप, रवि मौजूद थे।