मुकेश कुमार विधार्थी
भरतपुर 16 अप्रैल । आरयूआईडीपी, भरतपुर की सामुदायिक जागरुकता एवं जन सहभागिता इकाई (कैप) द्वारा राजुल कुमार, अधिशाषी अभियन्ता के मार्गदर्शन में विद्यार्थी जागरुकता कार्यक्रम अन्तर्गत आनन्द नगर स्थित एल.एस. सी.सै. स्कूल के छात्र छात्राओं से भरतपुर शहर में आरयूआईडीपी द्वारा सम्पादित किये जा रहे सीवरेज परियोजना के लाभों व इसके रख-रखाव के साथ-साथ वर्तमान समय में सीवरेज प्रणाली की आवश्यकता विषय पर संवाद किया।
इस मौके पर सोशल एक्सपर्ट मनीष कटारा ने उपस्थित विद्यार्थियों के विशाल समूह को ‘ ‘मल-जल का हो सही उपचार, तभी बनेगा स्वच्छ समाज’ के नारे के साथ भरतपुर शहर में आरयूआईडीपी द्वारा सम्पादित किये जा रहे सीवरेज परियोजना कार्यों के सम्बन्ध में जानकारी प्रदान कर इसकी उपयोगिता के साथ-साथ रख रखाव के विषय में विस्तार से बताया, जिससे आमजन इसका सही मायने में लाभ उठा सके। उन्होंने बताया कि सीवरेज का सही प्रबर्धन, नागरिक स्वास्थ्य के लिये आवश्यक है। नालियों में बहने वाली गन्दगी जो कि कई प्रकार की बीमारियों व संक्रमणों का कारण है, इसकी रोकथाम सीवरेज के सही प्रबंधन से सम्भव है। साथ ही सीवरेज प्रणाली की सफलता तभी है जब हम सभी मिलकर इसके रख-रखाव में सावधानी बरतें और एक-दूसरे को जागरुक करें। हम सभी को सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी प्रकार से कचरा सीवर लाईन में नहीं जाये। सीवर लाईन को कचरे से सुरक्षित रखने के लिये निकासी पाईपों पर जाली लगानी चाहिये। रसोई बॉथरुम आदि के कचरे के लिये डस्टबिन का उपयोग करना चाहिये और कचरा संग्रहण वाहन को देना चाहिये। विशेषकर कॉलोनीयों में पशुपालन कर रहे नागरिकों को समझना चाहिये कि गोबर को सीवर लाईन में न जाने दें क्योंकि यह सीवर लाईन अवरुद्ध होने का बड़ा कारण है। सीवर का कचरा बीमारियों का खतरा है। इस क्रम बताया कि, सीवर के दूषित जल-मल के एसटीपी द्वारा सुरक्षित निस्तारण के बाद उपचारित जल को कृषि, बागवानी सिंचाई में इसका उपयोग किया जा सकता है। अन्त में उपस्थित छात्र-छात्राओं को सीवरेज प्रणाली सम्बन्धी पम्पलेट्स आदि का वितरण किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रधानाध्यापक बृजकिशोर बघेल ने किया और आयोजित सीवरेज जागरुकता कार्यक्रम में उपयोगी व जानकारीपूर्ण बताकर धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में विद्यालय स्टाफ के अलावा एएसडी सुरेन्द्रपाल, अशोक कुन्तल आदि उपस्थित थे।