अनिल कुमार, जिला ब्यूरो हेड, ब्यावर
ब्यावर। धर्मनगरी ब्यावर में आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। अवसर था भगवान कुंन्थुनाथ के जन्म, तप एवं मोक्ष कल्याणक महोत्सव का, जिसे सेठ चंपालाल रामस्वरूप की नसिया में दिगंबर जैन समाज द्वारा अत्यंत हर्षोल्लास और भक्ति भाव के साथ मनाया गया।
भक्तिमय वातावरण और धार्मिक अनुष्ठान
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातःकाल भगवान के अभिषेक और शांतिधारा के साथ हुआ। मंत्रोच्चार की गूँज के बीच भक्तों ने विधि-विधान से पूजन कर विश्व शांति की कामना की। इस अवसर पर विशेष रूप से महिलाओं द्वारा भक्ताम्बर विधान का आयोजन किया गया, जिसने पूरे मंदिर परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया।
परंपरा का निर्वहन: मोदक अर्पण
समाज के प्रवक्ता अमित गोधा ने बताया कि भगवान कुंन्थुनाथ के निर्वाण लाडू (मोदक) चढ़ाने की परंपरा का उत्साहपूर्वक निर्वहन किया गया। क्षेत्र के विभिन्न जिनालयों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुँचकर निर्वाण कांड के पाठ के साथ भगवान को मोदक अर्पित किए और पुण्य लाभ अर्जित किया।
प्रेरक उद्बोधन और संकल्प
महोत्सव के दौरान समाज के वरिष्ठ विद्वानों ने भगवान कुंन्थुनाथ के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके तप, त्याग और अहिंसा के संदेश को प्रासंगिक बताया। वक्ताओं ने युवाओं से अपील की कि वे अपनी जड़ों और धर्म से जुड़कर संस्कारों का संरक्षण करें।
समाज की एकजुटता
आयोजन की सफलता में समाज के पदाधिकारियों का सराहनीय योगदान रहा। इस अवसर पर:
अध्यक्ष: अशोक काला
उपाध्यक्ष: कमल रावंका
मंत्री: विजय फागीवाला
सहित पूरी कार्यकारिणी ने श्रद्धालुओं के उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की।
निष्कर्ष:
यह महोत्सव न केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित रहा, बल्कि इसने समाज में एकता, सद्भावना और धार्मिक चेतना के प्रसार के एक सशक्त माध्यम के रूप में अपनी पहचान दर्ज कराई। अंत में सभी पदाधिकारियों ने इस सफल आयोजन के लिए कार्यकर्ताओं और भक्तों का आभार व्यक्त किया।
